Sunset in Chapora Fort Goa

अब तक हमारा गोवा का सफर बड़े ही मजे से बीत रहा था। बेतालबतीं से ले कर दूध सागर तक सब कुछ सही चल रहा था। पर अब हमारे दक्षिणी गोवा के सफर का अंत हो चुका था और हम लोग उत्तर की तरफ निकल रहे थे।

Santa's Bank Goa

गोवा में हमारा चौथा दिन

२९ दिसम्बर २०१६, गोवा में हमारा सबसे खराब दिन। हम लोग बेतालबतीं से कलांगुट के लिए निकले, जहां हमारे बाकी तीन दिनों की बूकिंग थी। हमने अपने मेजबान सुमित को कॉल किया उन्हें ये बताने की हम आ रहे है और उन्होंने हमारे पूरे प्लान की धज्जियां उड़ा दी। उनका कहना था की उन्होंने हमारी बूकिंग ली ही नहीं जबकि उन्होंने उसे कैन्सल भी नहीं किया था।

अब आलम ये था की हमारे पास बाकी के तीन दिनों के रहने का ठिकाना भी नहीं था और न ही इतना पैसा की हम कोई और ठिकाना उस वक्त गोवा में ढूंढ सके। मैंने अंशु दीक्षांत (हमारे एक मित्र) को कॉल किया, जो उस वक्त गोवा घूमने आया था और उत्तरी गोवा में ही रुका हुआ था। उसने बताया की वे लोग अरमबोल में कहीं रुके है और हमारे लिए भी बात कर ली है, ७०० रुपये प्रतिदिन के किराये पर हमें एक कमरा भी मिल जाएगा। अब हम लोगों ने थोरी चैन की सांस ली, और बागा के तरफ निकाल पड़े। रास्ते में हम दौना पौला में रुके जहां “सिंघम” मूवी के कुछ हिसों को फ़िलमाया गया था। हमने वहाँ दोपहर का खाना खाया और Airbnb के ग्राहक सेवा केंद्र को कॉल किया। उन्होंने हमारे पैसे भी लौटा दिये।

Amit & Biplav in Dauna Paula

अब हमारे पास पैसा भी आ चुका था और फिलहाल रुकने के लिए एक ठिकाना भी मिल चुका था। लेकिन जब तक हाथों में कमरे की चाभी न मिले फिक्र तो बनी ही थी। वहाँ से हम बागा के लिए निकले जहां हमें अंशु से मिलना था। वहाँ पहुँचने के बाद हम लोगों ने उसे कॉल करने की कोशिश की पर उससे बात हो नहीं पायी। और हमें वे मिले भी नहीं वहाँ। अंशु फोन अपनी गाड़ी में रख कर नहाने निकाल गया था। यहाँ हम लोग काफी परेशान थे की अगर अंशु ने भी धोखा दे दिया तो क्या होगा। पर ऐश कुछ भी नहीं हुआ, अंशु ने एक या दो घंटे बाद कॉल किया और हम लोग मिलकर अरमबोल की तरफ निकाल गए। मैं थोड़ा हैरान था की गोवा में इन्होंने इतना सस्ता कमरा ढूंढ कैसे लिया।

अरमबोल

गोवा में अगर सबसे सस्ता ठिकाना आपको ढूँढना हो तो वो आपको अरमबोल में मिल ही जाएगा। गोवा का यहाँ एक अलग ही रूप था। अब तक हम बड़ी ठाठ से रह रहे थे, सारे सुविधाओं के साथ, पर यहाँ ऐसा कुछ भी नहीं था। ७०० रुपये में हमें बस एक कमरा मिला था जिसमें एक टूटी फूटी चारपाई लगी थी और वो कमरा शुरू होते ही खत्म भी हो गया। मेरा तो फिर भी ठीक था पर बिपलव कुछ ज्यादा ही दुःखी था। हम दोनों को ही वहाँ एक पल भी रुकने का मन नहीं था लेकिन मजबूरी थी वो रात तो निकालनी ही थी। पूरा अरमबोल विदेशियों से भरा पड़ा था, लेकिन यहाँ सिर्फ गरीब और गंजेड़ी विदेशी पर्यटक ही आपको मिलेंगे।

Amit & Biplav in Arambol Goa

हमारे सफर का वो काला दिन भी बीत ही गया और अगली सुबह पहली किरण पड़ते ही हम लोग फिर बागा के लिए निकाल पड़े। वहाँ से हमने फिर Airbnb की मदद से शिओलिम में एक दिन के लिए रूम बूक किया, जिसके मेजबान थे विक्रांत। जितना पैसे में हमने पहले तीन दिनों की बूकिंग की थी आज उतने में हमने एक दिन की बूकिंग की। लेकिन अब इतना तो तय था की हम अरमबोल वापस नहीं जा रहे थे। एक नया दिन और एक नई शुरुआत।

अगुआडा और चपोरा फोर्ट

आज हम लोगों ने गोवा में किला देखने का फैसला किया और निकल पड़े अगुआडा फोर्ट की तरफ। अगुआडा में हम काफी देर तक किले की दीवारों पर बैठे रहे और नीले समंदर को निहारते रहे। फिर हमने वहाँ Prawn Vindaloo खाया जो की एक गोअन डिश है, और इसका स्वाद लाजवाब था। हल्का तीखा, हल्का मसालेदार और हल्का खट्टा, अगर आप गोवा जाये तो Vindaloo का स्वाद जरूर चखे। वहाँ से अब हम लोग सूर्यास्त देखने के लिए चपोरा की और निकल पड़े। चपोरा पहुँचने के बाद हमें अच्छी ख़ासी चढ़ाई करनी पड़ी। ये शायद बताने की जरूरत नहीं की ये वही जगह है जहां “दिल चाहता है” मूवी के कुछ हिस्सों को फ़िलमाया गया था। लोगों को चपोरा ज्यादा पसंद आता है पर मुझे अगुआडा ज्यादा पसंद आया था।

Amit & Biplav on Fort

पुराने साल का अंत और नए साल की शुरुआत

आज साल का आखिरी दिन था तो कुछ अलग और रोमांचक करना तो बनता था। इसलिए हमने जलक्रीड़ा (Water sports) करने का निर्णय लिया। शंकर सर ने Trip Advisor के रिवियू के आधार पर Atlantis Water Sports को चुना, पर मेरा मन नहीं मान रहा था। मैं कोई पैकेज नहीं लेना चाहता था, लेकिन हमने २५०० रुपये पैकेज लिया। फिर हम अंजूना के लिए निकले और वहाँ जाने के बाद हमें एक बड़ा झटका लगा। वहाँ जाने के बाद हमें पता चला की Atlantis वाले Anjuna Water Sports वालों को अपने ग्राहक दे रहे थे। और सबसे बड़ा धक्का तो तब लगा जब हमें पता चला की Anjuna Water Sports वालों का पैकेज मात्र १३०० रुपये था। अब जो होना था सो तो हो चुका था अब पछताने से कोई फायदा भी नहीं था। इसलिए हमने बनाना राइड, जेट स्की राइड, बम्पर राइड, बोट राइड और पारासेलींग के मज़े लिए और पूरे दिन वहाँ मस्ती की।

लगभग चार बजे तक हम वहाँ से निकल गए, फिर हम Saturday मार्केट गए वहाँ हमने अपने लिए कुछ कपड़े खरीदे, शास्त्रीय संगीत के मज़े लिए और फिर बागा तट के लिए निकल पड़े। हमने आज के लिए कोई कमरा बूक नहीं करवाया था, क्योंकि आज की रात हम तट पर ही बिताने वाले थे। पर आज हम अकेले नहीं थे जिन्हें तट पर रात बितानी थी। मार्केट से तट का रास्ता जो की लगभग ४ किलोमीटर का था आज ५० किलोमीटर का हो चुका था। रोड पर इतनी भीड़ थी मानो पूरा गोवा ही बागा तट पर जा रहा हो। १५ मिनट के सफर को तय करने में हमें ४ घंटे लग गए। गनीमत थी की रात के १२ बजे से पहले हम तट पर पहुँच चुके थे।

Saturday Night Market in Goa

१२ बजते ही आसमान आतिशबाजियों से भर गया। चरो तरफ लोग पागलों की तरह नाच रहे थे और एक दूसरे को नए साल की बधाई दे रहे थे। वहाँ का माहौल काफी खूबसूरत हो चुका था। जहां सभी लोग पीने और नाचने में व्यस्त थे, वही मैंने कुछ लोगों को अपने कंधे पर बड़ा सा बोरा लिए हर जगह से फेंके हुए कचरे को समेटते देखा। नया साल तो उनके लिए भी था पर सफाई क्या सिर्फ उन्हीं का जिम्मा था। लेकिन बिना किसी शिकायत के और बिना किसी सैलानी को परेशान किए हुए वे अपना काम कर रहे थे।

Amit & Biplav in Baga Beach on New Year 2017

अगर आप नए साल में गोवा जा रहे है और तट पर रात बिताने की सोच रहे है तो कभी भी अकेले न जाए। कम से कम कुछ लड़कों को साथ ले जाए या फिर परिवार के साथ जाए, वरना आप इतनी भीड़ में भी अकेले हो जाओगे। और मैं ये दावे के साथ कह सकता हूँ की आप ये कभी नहीं चाहेंगे। फिर अगले दिन हम पणजी घूमने निकले।

पणजी

पणजी! गोवा की राजधानी और मंडोवी नदी के किनारे बसा एक खूबसूरत शहर। खूबसूरत चर्च और चारों तरफ हरियाली। हमने वहाँ तीन चर्च देखे, जो थे:

Church in Punji
1. Basilica of Bom Jesus, 2. St. Cathedral, 3. Our Lady of the Immaculate Conception Church
  1. Basilica of Bom Jesus
  2. St. Cathedral Church
  3. Our Lady of the Immaculate Conception Church
Basilica of Bom Jesus, St. Cathedral & Our Lady of the Immaculate Conception Church
Basilica of Bom Jesus, St. Cathedral, Our Lady of the Immaculate Conception Church

फिर शाम को हम लोग मडगाओ की और निकल पड़े अपनी गाड़ी पकड़ने। हमारा मन तो नहीं कर रहा था लेकिन अब वक्त हो चुका था घर वापस लौटने का।

हमारे गोवा के सफर को यादगार बनाने के लिए मैं कुछ लोगों का बहुत आभारी हूँ, जिनकी मदद के बिना शायद ये सफर इतना यादगार न हो पता।

उम्मीद है की बहुत जल्द गोवा से हमारी मुलाक़ात फिर हो, क्योंकि ये जगह ही ऐसी है की यहाँ आप बार बार आना चाहेंगे।

Go Goa!


Leave a Reply

%d bloggers like this: