अँधेरा : उजाले के बाद की सच्चाई

आज दफ्तर में बड़ा ही अजीब सा माहौल था। हमारे एक साथी का जन्मदिन मनाया गया और वही दूसरे साथी की विदाई समारोह। मैं थोड़ा परेशान था, क्योंकि मैं यह तय ही नहीं कर पा रहा था की अपने उस साथी की विदाई पर मैं दुःखी होउ या फिर खुश। दुःख इस बात का था […]